Sign कर देना ...................

एक बार एक पिता अपने पुत्र के कमरे के बहार से निकला तो देखा, कमरा एकदम साफ़। नयी चादर बिछी हुई और उसके उपर रखा एक पत्र।..

इतना साफ़ कमरा देखकर पिता अचम्भित हो उठा। उसने वो पत्र खोला। उसमे लिखा था।..

प्रिये पिता जी,

मैं घर छोड़कर जा रहा हूँ। मुझे माफ़ करना। आपको मैं बता देना चाहता हूँ मैं दिव्या(वर्मा अंकल की बेटी) से प्यार करता था लेकिन दोनों परिवार की दुश्मनी को देखते हुए मुझे लगा आप सब हमारे रिश्ते के लिए तैयार नहीं होंगे।

दिव्या आपको या मम्मी को पसंद नहीं क्यूंकि वो शराब पीती है। लेकिन आप सब नहीं जानते शराब पीने वाला कभी झुठ नहीं बोलता। मैं सुबह में जल्दी इसलिए निकला क्यूंकि मुझे उसकी जमानत करनी थी वो रात कुछ दोस्तों के साथ चरस पीती पकड़ी गयी थी और सबसे पहले उसने मुझे फ़ोन किया। क्या ये प्यार नहीं? वो आपको और मम्मी को गालियाँ देती रहती है उसको सास ससुर पसंद नहीं इसलिए हम सबके लिए ये ही अच्छा है हम अलग रहे।

रही बात मेरी नौकरी नहीं है तो उसका भी इंतज़ाम दिव्या ने कर लिया है उसने मुझे पॉकेट मारना सिखा दिया। उपर से उसके दोस्तों का अपना ड्रग्स सप्लाई का बिज़नस भी है। वो भी सिख ही लूँगा।

अपनी लाइफ तो सेट है पापा। बस आपका आशीर्वाद चाहिए।

आपका प्यारा बेटा सुमित।

पेज के अंत में लिखा था PTO

पिता ने अपने कापते हाथो से पत्र पलता तो उसपर लिखा था।
"चिंता न करो सामने वालो के यहाँ मैच देख रहा हूँ। बस ये बताना था कि मेरे रिजल्ट से भी बुरा कुछ हो सकता है। इसलिए थोड़े में संतोष करो। Side table में रिजल्ट पड़ा है। Sign कर देना कॉलेज में जमा करना है।

रेडिओ लेकर क्यों जा रहे हो...

पप्पू रेडियो लेकर खेत में पोट्टी करने जा रहा था... 
गाँव के एक आदमी ने पुछा... रेडिओ लेकर क्यों जा रहे हो... 
पप्पू... गाना सुनते हुए मज़े से करुगा... 
वापसी में.... आदमी...आज तो मज़े से की होगी.... पप्पू... 

खाक मज़े से की... शुरू ही की थी के... "जन गन मन" शुरू हो गया... खड़े-खड़े ही करनी पड़ी..

नहीं! रोज का काम है

एक लड़के और लड़की के स्कुटी की टक्कर हो गई।
लड़के की जमकर पिटाई करने के बाद लोगो ने लडकी और उसकी स्कूटी को उठा कर पूछा कहीं चोट तो नहीं लगी? 
लडकी- नहीं! रोज का काम है स्कुटी सीख रही हूं!.... 

भगवान क्या अब मैं परी बन गई हूं....

एक काली अफ्रीकन लड़की को भगवान ने पंख दिए तो…

वह खुशी से बोली- wow !!
भगवान क्या अब मैं परी बन गई हूं?

भगवान- नहीं रे पगली, तुम अब चमगादड़ बन गई हो।

आप बिलकुल चिंता मत करना बस 1-2 दो दिन में ही आपको भी बुला लूंगी।....

एक महिला को मुंबई में नौकरी मिल गई।
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वह अकेली ही नौकरी ज्वाइन करने पहुंची, वहां कंपनी ने उसे रहने के लिए एक फ्लैट
भी देदिया।
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महिला ने सोचा कि अपने पति को सूचना दे दूं ताकि उन्हें चिंता न हो, उसने पति के
लिए  मोबाइल में एसएमएस लिखा परन्तु
गलती से गलत नंबर पर भेज दिया।
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जिस आदमी को वह एसएमएस मिला उसकी पत्नी गुजर गई थी और वह अभी-अभी अंतिम संस्कार करके लौटा था।
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एसएमएस पढ़ते ही वह आदमी बेहोश हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
एसएमएस में लिखा था -
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मैं सही-सलामत पहुंच गई हूं और यहां रहने के लिए अच्छी जगह भी मिल गई है.....
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आप बिलकुल चिंता मत करना बस 1-2 दो दिन में ही आपको भी बुला लूंगी।
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आपकी पत्नी ........

अकेले ही हँसोगे या दोस्तों को भी हँसाओगे तो फॉरवर्ड करिए।

Source - facebook

एक बार एक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुँचा,.....

एक बार एक व्यक्ति मरकर नर्क में पहुँचा, तो वहाँ उसने देखा कि प्रत्येक व्यक्ति को किसी भी देश के नर्क में जाने की छूट है । उसने सोचा, चलो अमेरिका वासियों के नर्क में जाकर देखें,
जब वह वहाँ पहुँचा तो द्वार पर पहरेदार से उसने पूछा – क्यों भाई अमेरिकी नर्क में क्या-क्या होता है ? पहरेदार बोला – कुछ खास नहीं, सबसे पहले आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जायेगा, फ़िर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जायेगा, उसके बाद एक दैत्य आकर आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोडे बरसायेगा… ! यह सुनकर वह व्यक्ति बहुत घबराया और उसने रूस के नर्क की ओर रुख किया, और वहाँ के पहरेदार से भी वही पूछा, रूस के पहरेदार ने भी लगभग वही वाकया सुनाया जो वह अमेरिका के नर्क में सुनकर आया था । फ़िर वह व्यक्ति एक- एक करके सभी देशों के नर्कों के दरवाजे जाकर आया, सभी जगह उसे भयानक किस्से सुनने को मिले । 

अन्त में जब वह एक जगह पहुँचा,देखा तो दरवाजे पर लिखा था “भारतीय नर्क” और उस दरवाजे के बाहर उस नर्क में
जाने के लिये लम्बी लाईन लगी थी, लोग भारतीय नर्क में जाने को उतावले हो रहे थे, उसने सोचा कि जरूर यहाँ सजा कम मिलती होगी… तत्काल उसने पहरेदार से पूछा कि सजा क्या है ? पहरेदार ने कहा – कुछ खास नहीं…सबसे पहले आपको एक इलेक्ट्रिक चेयर पर एक घंटा बैठाकर करंट दिया जायेगा, फ़िर एक कीलों के बिस्तर पर आपको एक घंटे लिटाया जायेगा, उसके बाद एक दैत्य आकर आपकी जख्मी पीठ पर पचास कोडे बरसायेगा… ! 
चकराये हुए व्यक्ति ने उससे पूछा – यही सब तो बाकी देशों के नर्क में भी हो रहा है, फ़िर यहाँ इतनी भीड क्यों है ? पहरेदार बोला – इलेक्ट्रिक चेयर तो वही है, लेकिन बिजली नहीं है, कीलों वाले बिस्तर में से कीलें कोई निकाल ले गया है, और कोडे़ मारने वाला दैत्य सरकारी कर्मचारी है, आता है, दस्तखत करता है और चाय-नाश्ता करने चला जाता है…और कभी गलती से

जल्दी वापस आ भी गया तो एक-दो कोडे़ मारता है और पचास लिख देता है…चलो आ जाओ अन्दर !!!
SOURCE - FACEBOOK

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